उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
19 और 20 जुलाई को कई जिलों में रेड व आरेंज अलर्ट, राहत-बचाव दल 24×7 तैयार रखने के निर्देश

- चारधाम यात्रियों व पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील, आपात स्थिति में 112, 1070 व 1077 पर करें संपर्क
हमारु अपणु उत्तराखंड ब्यूरो, देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा उत्तराखंड में 18 से 22 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, जिला आपदा परिचालन केंद्रों को 24×7 सक्रिय रखने तथा राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश जारी किए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई को नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर में अत्यंत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में आरेंज अलर्ट तथा उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट रहेगा। 20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में आरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। 21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज तथा 22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
एसईओसी ने जिलों को भूस्खलन संभावित मार्गों पर आवश्यक मशीनरी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपदा से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। उन्होंने भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा है। सहायता के लिए 112, 1070 और 1077 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

