
- 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों पर चल रही कार्रवाई, अगले चरण में 2016-18 के कार्मिक
- अतिरिक्त कर्मचारियों के समायोजन के लिए शासन स्तर पर बनेगी समिति
हमारु अपणु उत्तराखंड ब्यूरो, देहरादून । उत्तराखंड सरकार ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की।
पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों के संबंध में कार्रवाई वर्तमान में की जा रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन के लिए शामिल किया जाएगा। इस चरण पर कार्रवाई नौ नवंबर 2026 से शुरू होगी। तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कार्मिकों के लिए कार्रवाई एक अप्रैल 2027 से प्रारंभ की जाएगी।
सरकार ने कृत्रिम सेवा व्यवधान यानी ब्रेक के संबंध में भी राहत देने का निर्णय लिया है। एक जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत और वर्तमान में भी कार्यरत उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
यदि किसी विभाग में स्वीकृत पदों से अधिक उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं तो नियुक्ति तिथि की वरिष्ठता के आधार पर उन्हें पहले स्वीकृत पदों के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा। शेष कर्मचारियों को उपलब्धता के अनुसार विभाग में समायोजित किया जा सकेगा। आवश्यकता होने पर अधिसंख्य पद सृजित किए जाएंगे।


