प्रसिद्ध लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुले, गूंजे वैदिक मंत्रोच्चार
भ्यूंडार घाटी में स्थित पौराणिक धाम में सुबह 11:15 बजे खुले कपाट

15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित मंदिर में चार माह तक होंगे दर्शन
हमारु अपणू उत्तराखंड ब्यूरो, चमोली। उच्च हिमालयी भ्यूंडार घाटी में स्थित पौराणिक तीर्थ लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। शुभ मुहूर्त में प्रातः 11 बजकर 15 मिनट पर कपाट खुलते ही मंदिर परिसर “जय लक्ष्मण भगवान” के जयघोषों से गूंज उठा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय ग्रामीण और तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।
भगवान शेषनाग के अवतार एवं लोकपाल घाटी के आराध्य देव माने जाने वाले भगवान लक्ष्मण को समर्पित यह प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कपाट खुलने की प्रक्रिया वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराई गई। मंदिर को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जबकि पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठानों के साथ वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
समुद्रतल से लगभग 15,225 फीट की ऊंचाई पर दंडी पुष्कर्णी सरोवर के समीप स्थित यह पवित्र धाम प्राकृतिक सौंदर्य, अध्यात्म और हिमालयी संस्कृति का अद्भुत संगम माना जाता है। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियां, हिमालयी वादियां और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं।
कपाट खुलने के साथ ही अब श्रद्धालु आगामी लगभग चार माह तक भगवान लक्ष्मण के दिव्य दर्शन कर सकेंगे। हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने यात्रा को सुचारु एवं सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की हैं। श्रद्धालुओं में कपाट खुलने को लेकर भारी उत्साह और गहरी श्रद्धा देखने को मिली।



