
देहरादून, हमारु अपणु उत्तराखंड। नशीले पदार्थों के बढ़ते दुष्प्रभाव और विद्यार्थियों में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में रोस्टर के आधार पर ड्रग टेस्टिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि के नेतृत्व में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में 150 छात्र-छात्राओं के रैंडम सैंपल लिए गए। इससे पहले भी जिले के तीन प्रमुख संस्थानों में व्यापक स्तर पर सैम्पलिंग की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी संस्थान में ड्रग टेस्टिंग के दौरान कोई विद्यार्थी पॉजिटिव पाया जाता है तो संबंधित कालेज के डीन या स्वामी के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखंड के विजन को साकार करने के लिए जिला प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं।

अभिभावक न घबराएं, उद्देश्य सुरक्षा
जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि ड्रग टेस्टिंग अभियान से छात्रों और अभिभावकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और सुरक्षित शैक्षिक वातावरण बनाना है।
संस्थानों में सक्रिय होगी एंटी-ड्रग्स कमेटी
जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक कमेटी में एक छात्र और एक छात्रा की भागीदारी अनिवार्य होगी। साथ ही नशे के अवैध कारोबार की सूचना हेतु हेल्पलाइन 1933, एनसीवी मानस पोर्टल और जिला डी-एडिक्शन हेल्पलाइन 9625777399 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा रायवाला स्थित 30 बेड के नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा एम्स के साथ एमओयू के तहत 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए आरक्षित किए गए हैं। प्रशासन ने नशामुक्ति के लिए अपना एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।


