उत्तराखंडदेश-विदेशदेहरादून

आइएमए में स्पेशल लिस्ट-38 कोर्स के 56 कैडेट पास आउट, कुलबीर को स्वर्ण और अनंता को रजत पदक

पूर्व सैनिक बने अधिकारी, फील्ड अनुभव से सेना होगी और मज़बूत, कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने प्रदान किए पदक

“उत्कृष्टता, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा—इन्हीं मूल्यों पर सेना की प्रतिष्ठा टिकी है।”

— ले. जन. नागेंद्र सिंह, कमांडेंट, आइएमए

देहरादून, हमारु अपणु उत्तराखंड।  भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में शनिवार को आयोजित गरिमामयी पिपिंग सेरेमनी में स्पेशल लिस्ट-38 कोर्स के 56 ऑफिसर कैडेट सफलतापूर्वक पास आउट हुए। सैन्य परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस समारोह में कैडेटों को भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया गया। समारोह के दौरान पूरे परिसर में अनुशासन, गौरव और सैन्य परंपरा की भव्यता झलकती रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आइएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह ने की। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले कैडेटों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल सैन्य भविष्य की कामना की। कमांडेंट ने कहा कि भारतीय सेना की प्रतिष्ठा ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च प्रोफेशनलिज़्म पर आधारित है। आइएमए का कठोर प्रशिक्षण इन मूल्यों को कैडेटों में विकसित करता है ताकि वे किसी भी परिस्थिति में नेतृत्व और साहस का परिचय दे सकें।

स्पेशल लिस्ट-38 कोर्स की विशेषता यह रही कि इसमें शामिल सभी कैडेट पहले से भारतीय सेना में सैनिक के रूप में सेवा दे चुके थे। फील्ड यूनिट्स में उनके वर्षों के अनुभव ने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, प्रतिबद्धता और व्यवहारिक समझ में उत्कृष्टता प्रदर्शित की। आइएमए के संरचित प्रशिक्षण ने उनकी नेतृत्व क्षमता, संचालनिक योग्यता और प्रशासनिक कौशल को और निखारा। यह प्रशिक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इनके पास ज़मीनी हकीकत का अनुभव पहले से मौजूद था, जिसे अब ऑफिसर के रूप में और प्रभावी ढंग से उपयोग में लाया जा सकेगा।

समारोह के दौरान जूनियर अंडर ऑफिसर कुलबीर कुमार को स्पेशल लिस्ट-38 कोर्स का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु घोषित किया गया। उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कमांडेंट स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार ऑफिसर कैडेट अनंता पांडे को कमांडेंट रजत पदक प्रदान किया गया। दोनों कैडेटों को पूरे परेड ग्राउंड में जोरदार तालियों के बीच सम्मानित किया गया, जिससे साथी कैडेटों में उत्साह का संचार हुआ।

कमांडेंट ने अपने संबोधन में कहा कि इन कैडेटों का ऑफिसर कैडर में शामिल होना भारतीय सेना को फील्ड अनुभव, व्यवहारिक समझ और संचालनिक परिपक्वता के रूप में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सेना में ऑफिसर बनने के बाद इनके सामने बड़ी जिम्मेदारियाँ होंगी, जिन्हें वे अपने अनुशासन, कौशल और निष्ठा के बल पर सफलतापूर्वक निभाएंगे।

स्पेशल लिस्ट-38 के ये नए अधिकारी अब भारतीय सेना की विभिन्न यूनिट्स में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका यह परिवर्तन सेना की पेशेवर ताकत को और अधिक मजबूत करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button