दुखयारी विधवा शोभा को मिला न्याय, आईसीआईसीआई बैंक ने लौटाए घर के कागजात
डीएम के हस्तक्षेप से माफ हुआ ऋण, परिवार सहित धन्यवाद देने पहुंची कलेक्ट्रेट

देहरादून। विगत माह दिव्यांग बेटे और बेटी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची विधवा शोभा रावत को आखिरकार न्याय मिल गया। आईसीआईसीआई बैंक ने जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से उनका घर बंधक से मुक्त कराते हुए कागजात लौटा दिए हैं। शोभा ने बैंक से 17 लाख रुपये का ऋण लिया था। पति की मृत्यु के बाद बीमा राशि 13,20,662 रुपये लोन में समायोजित की गई थी, लेकिन लगभग 5 लाख रुपये की बकाया राशि को लेकर बैंक दबाव बना रहा था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह राशि चुकाने में असमर्थ थीं।
डीएम सविन बंसल से गुहार लगाने पर उन्होंने एसडीएम (न्याय) कुमकुम जोशी को मामले में समन्वय के निर्देश दिए। लगातार फॉलोअप और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद बैंक ने मात्र 10 हजार रुपये में ऋण सेटल कर नो ड्यूज जारी किया। इसके साथ ही शोभा का घर बच गया।
परिवार सहित कलेक्ट्रेट पहुंची शोभा ने डीएम और प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त किया। डीएम ने शोभा को रोजगार के लिए राइफल क्लब से आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं। जिला प्रशासन के इस त्वरित निर्णय से न केवल एक असहाय परिवार को राहत मिली है, बल्कि आम जनमानस का विश्वास भी शासन-प्रशासन के प्रति और मजबूत हुआ है।



